काला जादु के चक्कर में ली मासुम बच्ची कि जान. जानिए क्या है पुरा मामला.

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काला जादु के चक्कर में ली मासुम  बच्ची कि जान. जानिए क्या है पुरा मामला. 

मुबई का रहने वाला एक शख्स अफ्रीका में बसर कर रहा होता है. हर साल दो-तीन महीने के लिए वो मुंबई आता है. उसके पड़ोस में एक शख्स रहता है, जिससे उसकी पुरानी पहचान है. एक दिन अचानक वो उस दोस्त से कहता है कि वो अपने बच्चों को उसके घर खेलने भेज दिया करे.

एक दिन अचानक वो उस दोस्त से कहता है कि वो अपने बच्चों को उसके घर खेलने भेज दिया करे. इससे उसका मन बहलता रहेगा. पुरानी पहचान होने की वजह से पड़ोसी ने अपनी जुड़वा बेटी और एक बेटे को उसके घर भेजने लगा. एक दिन उस शख्स ने एक बच्ची को छोड़ कर बाकी दोनों बच्चों को दूसरे रूम में जाने को कहा.
उसने अपनी नौकरानी से कहा कि वो भी जाए वह उस बच्ची के हाथ धुलवा कर आता है. थोड़ी ही देर बाद जोर की आई एक आवाज और नीचे भीड़ जमा हो गई. हो हल्ला सुन कर नौकरानी बेडरुम की तरफ दौड़ी तो बेडरुम बंद पड़ा था. उसने दूसरे कमरे से नीचे झांका तो इमारत के सामने भीड़ लगी हुई दिखी. लोग ऊपर की तरफ ऊंगलियों से इशारा कर रहे थे. तीन साल की बच्ची गिरी हुई पड़ी थी. पहले इसे दुर्घटना समझा गया और पुलिस ने भी सोचा बच्ची की गिर कर मौत हुई है.
लेकिन ठहरिए. तहकीकात जब आगे बढ़ती है तो पुलिस को एक कागज मिलता है. इस कागज में लिखा हुआ होता है कि काला जादू के लिए चाहिए छोटी बच्ची की बलि. सारा खेल खुल जाता है. पुलिस मकान में रहने वाले शख्स से सख्ती से पूछताछ करती है. शुरू में तो वह यही रट दोहराता है कि उसे कुछ नहीं मालूम, लेकिन सख्ती बढ़ते ही वो सारी हकीकत बयान कर देता है कि अफ्रीका में रहते हुए उसे यह एहसास हुआ था कि उस पर काला जादू हुआ है. इससे बचने का एक ही तरीका है. बच्ची की बलि. इसलिए उसने मौका मिलते ही अपने पड़ोसी की तीन साल की जुड़वा बेटियों में से एक की बलि का प्लान तैयार किया और उसे ऊपर से नीचे की तरफ फेंक दिया.
घटनास्थल की रेकी के दौरान कुछ और बातों से पुलिस को हत्या का शक हो गया था. कमरे की जिस खिड़की से बच्ची गिरी थी. तीन साल की बच्ची का उस खिड़की तक पहुंचना आसान नहीं था. कमरे में खिड़की की ऊंचाई तीन साली की बच्ची के लिहाज से ज्यादा थी. इसके अलावा बच्ची अगर गिरी होती तो वो इमारत की दीवार से सटी हुई जमीन पर पड़ी मिलती. लेकिन वो कुछ दूरी पर पड़ी हुई मिली थी. यानी वो बच्ची सातवीं मंजिल से नीचे फेंक दी गई थी.
2019 में हुई इस घटना के रहस्य से पर्दा अब जाकर उठा है. अफ्रीका के मोरक्को में काम करने वाला आरोपी मुंबई के कोलाबा इलाके का रहने वाला है. आरोपी का नाम अनिल चुगानी है. जिस पड़ोसी की बच्ची की उसने हत्या की है, उनका नाम प्रेम कुमार है. प्रेम कुमार की बच्ची को जिस क्रूरता के साथ चुगानी ने धक्का दिया उससे पुलिस भी सकते में है.

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