युवती के साथ लूट कर ट्रेन से फेंकने वाले दो भाईयों को दस वर्ष का कारावास, मुख्य आरोपी फरार.
बीना. चलती ट्रेन में युवती के साथ लूट कर उसे ट्रेन से फेंकने के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल चौहान ने दो आरोपी, जो सगे भाई हैं उन्हें दोषी पाते हुए दस वर्ष सश्रम करावास की सजा सुनाई। मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। घटना 19 नवंबर 2014 की है जब फरियादी रति त्रिपाठी मालवा एक्सप्रेस से दिल्ली से उज्जैन महाकाल के दर्शन करने जा रही थी और सुबह के समय करोंदा स्टेशन के पास युवती के साथ कुछ लोगों ने लूटपाट कर चलती ट्रेन से फेंक दिया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। इस मामले में जीआरपी बीना ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर गिरफ्तार किया था। विशेष लोक अभियोजक डीके मालवीय ने बताया कि न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य पर भरोसा करते हुए आरोपी जाहर सिंह पिता मंगल सिंह पाल और ओंकार उर्फ भज्जू पिता मंगल सिंह निवासी ग्राम ठाठखेड़ा ललितपुर को दस वर्ष का कारावास और बीस-बीस हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।
मुख्य आरोपी फरार, जमानत राशि जब्त
मामले का मुख्य आरोपी चंदन सिंह लोधी निवासी ग्राम विरोरा ललितपुर निर्णय की तारीख 31 अक्टूबर 2022 को अनुपस्थित रहा, जिसपर न्यायालय ने उसका वारंट जारी किया था। साथ ही जमानतदार को नोटिस जारी कर किया था, जो उसे पेश नहीं कर सका। आरोपी चंदन सिंह लोधी को फरार घोषित कर जमानतदार मानसिंह यादव की संपूर्ण जमानत राशि पचास हजार रुपए जब्त कर न्यायालय में जमा कराई गई। आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है।
