नहीं थम रहा महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद, कोल्हापुर में 15 दिनों के लिए धारा-144 लागू!
Maharashtra Karnataka Border Dispute: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद फिलहाल थमता हुआ नहीं दिख रहा है। बेलगाम (Belgaum) में कर्नाटक रक्षण वैदिक संगठन जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहा है, तो वहीँ महाराष्ट्र के सियासी दल भी कड़े तेवर दिखा रहे है. हाल ही में महाराष्ट्र के कई गांवों पर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई द्वारा दावा किये जाने के बाद से दोनों राज्यों के बीच छह दशक पुराने सीमा विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
Section 144 imposes in Kolhapur in Maharashtra
कोल्हापुर में धारा-144 लागू
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के मद्देनजर दोनों राज्यों की पुलिस अलर्ट पर है। इसी पृष्ठभूमि में कोल्हापुर (Kolhapur) जिले में आज से लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाते हुए धारा-144 (Section 144) लागू कर दिया गया है। कोल्हापुर में 15 दिनों तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। इस दौरान पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी होगी। साथ ही जुलूसों और सभाओं पर भी रोक रहेगी।
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अपर जिलाधिकारी दत्तात्रय कवितके ने कल (8 दिसंबर) इस संबंध में आदेश जारी किया हैं। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोल्हापुर में प्रतिबंध क्यों?
बता दें कि सीमा मुद्दे पर महाविकास अघाड़ी (MVA) के कर्नाटक सरकार विरोधी आंदोलन और आगामी ग्राम पंचायत चुनाव (Gram Panchayat Election) के मद्देनजर यह धारा-144 लगाया गया है। कोल्हापुर जिले में 9 दिसंबर से 23 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
महाविकास अघाड़ी का विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा मुद्दे और छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के विरोध में जिले में महाविकास अघाड़ी यानी शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी और कांग्रेस शनिवार (10 दिसंबर) को कोल्हापुर में आंदोलन करेगी।
इसके अलावा, एमवीए 17 दिसंबर को मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज के बार-बार अपमान, महाराष्ट्र से बाहर जा रही परियोजनाओं, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद और किसानों के मुद्दों को लेकर शिंदे सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करगी।
