धनबाद में अवैध खनन के दौरान धंसी चाल, 10 साल के बच्चे सहित दो की मौत, कई के दबे होने की आशंका

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धनबाद में अवैध खनन के दौरान धंसी चाल, 10 साल के बच्चे सहित दो की मौत, कई के दबे होने की आशंका

कोयलांचल धनबाद में एक बार फिर अवैध खनन के दौरान बड़ी घटना हो गई है. ताजा मामला झरिया के भौंरा का है, जहां अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से दो लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में 10 साल का बच्चा भी शामिल है. इसके अलावा 4 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

मौके पर दबे थे 6 लोग
जानकारी के मुताबिक, चाल धंसने से मौके पर 6 लोग दब गए थे, जिसमें 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, वहीं दो लोगों की मौत हो गई है. एक घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया है, उसकी भी हालत नाजुक बताई जा रही है. मृतकों में 25 वर्षीय मदन प्रसाद उर्फ पवन और 10 वर्षीय जितेंद्र यादव शामिल हैं. बताया जा रहा कि यह घटना कोयला चोरी के दौरान हुई है. स्थानीय ग्रामीण कुछ घायलों को लेकर भागने में सफल रहे..
कई महीनों से हो रहा है अवैध उत्खनन
बताया जा रहा है कि यहां कई महीनों से अवैध उत्खनन जारी है. इस पर ना आउटसोर्सिंग कंपनी का ध्यान है, ना ही सीआईएसएफ कोई कार्रवाई करती है और ना भौंरा पुलिस ही एक्शन लेती है. इसकी सूचना कई बार प्रबंधन के साथ-साथ पुलिस को भी दी गई है. बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. आरोप है कि पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण ही यह घटना घटी है.
प्रदर्शन से जाम हुआ रोड, दर्जनों कोयला लदे वाहन फंसे
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. आक्रोशित स्थानीय घटना के बाद बच्चे के शव को लेकर ईजे एरिया भौंरा कार्यालय के गेट पर पहुंच गए, जहां वे प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. वहीं, मृतक के परिजनों को मुआवजा की मांग की जा रही है. स्थानीयों के प्रदर्शन के कारण भौंरा मोहलबनी मुख्य मार्ग जाम हो गया. इस जाम में दर्जनों कोयला लदे वाहन फंसे गए.
मृतक बच्चे के परिजनों का आरोप
बच्चे की मौत से परिजन और स्थानीय काफी आक्रोशित हैं. उनका आरोप है कि इलाके में कुछ सिंडीकेट हैं, जो अवैध कोयला उत्खनन करवाते हैं. वे बच्चों को बहला फुलसा कर खनन के लिए बुलाते हैं. इसी का नतीजा है कि इतना बड़ा हादसा हो गया. उनका कहना है कि इस घटना में कई लोग टपेट में आए हैं.
क्या कहते हैं पुलिस-प्रशासन
प्रदर्शन के कारण पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन सूचना है कि पुलिस ने अभी तक मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने शवों को भी अपने कब्जे में नहीं लिया, ना ही घटना की पुष्टि की. घटना के पीछे प्रशासन की चूक पर सवाल पूछे जाने पर भौंरा पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने कहा कि यह संपत्ति बीसीसीएल प्रबंधन की है, वहीं देखरेख के लिए सीआईएसएफ है, फिर सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है. इसमें पुलिस प्रशासन की कोई गलती नहीं है. हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच की बात जरूर कही. पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना है, लेकिन जांच से पहले कुछ भी कहना सही नहीं होगा. जांच में कोई दोषी पाया जाएगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी..

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