आनंद महिंद्रा, महिंद्रा ग्रुप के उपाध्यक्ष और महिंद्रा ऑटोमोबाइल्स के माननीय निदेशक, ने हाल ही में एक स्पेशल मॉमेंट को याद किया, जो उनकी कंपनी के इतिहास के रूप में एक महत्वपूर्ण पल का सबूत है। उन्होंने उनके कंपनी के पहले इलेक्ट्रिक वाहन को याद किया, जो लगभग 24 साल पहले बनाया गया था।
1999 में महिंद्रा ऑटोमोबाइल्स ने इस अद्वितीय प्रयास के तहत एक तीन पहिये वाले इलेक्ट्रिक वाहन “बिजली” का निर्माण किया था। इस वाहन का नाम “बिजली” था, जिसने इंडिया के प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा संरक्षण के मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाने का प्रतीक बना दिया।
इस पहले इलेक्ट्रिक वाहन का विकास एक महत्वपूर्ण कदम था जिसने महिंद्रा ग्रुप को विश्व भर में ईवी और शानदार गाड़ियों के डोमेन में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया।
आनंद महिंद्रा के इस यादगार पल के साथ, महिंद्रा ऑटोमोबाइल्स ने अपने संग्रहणी इतिहास को और भी मान्यता दिलाने में कामयाब रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि उनकी कंपनी ने ईवी के क्षेत्र में निवेश की ताक़त और समर्पण के साथ अपने पूर्वकृत लक्ष्यों का पालन किया है।
महिंद्रा ऑटोमोबाइल्स का पहला इलेक्ट्रिक वाहन “बिजली” का संवाद उनके गौरवपूर्ण प्रयासों को याद दिलाने में मदद करेगा और इसके साथ ही ईवी सेगमेंट में उनके महत्वपूर्ण साझेदारी का प्रशंसा करेगा।
इसके अलावा, इस यादगार मॉमेंट के माध्यम से लोगों को यह भी समझने में मदद मिलेगी कि इंडियन ऑटो इंडस्ट्री ने ईवी के क्षेत्र में कई साल पहले ही कदम रखा था और वो इस क्षेत्र में अपनी प्राधिकृत भूमिका निभा रही है।