नई दिल्ली : अफ्रीकी देश मोरक्को में आज सुबह भयानक भूकंप से आया. 6.8 तीव्रता के भूकंप से मोरक्को में भयंकर नुकसान पहुंचा है. इस घटना में 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है.
भूकंप के कारण इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग रबात से लेकर मराकेश तक प्रमुख शहरों की सड़कों पर भागने लगे. भूकंप का केंद्र मारा केच से लगभग 70 किलोमीटर (43.5 मील) दक्षिण में एटलस पर्वत की ऊंचाई पर था. यह उत्तरी अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी टूबकल और मोरक्को के लोकप्रिय स्की रिसॉर्ट ओकाइमेडेन के भी पास है.
एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर मौतें पहाड़ी इलाकों में हुईं जहां पहुंचना मुश्किल है.
मोरक्को में भूकंप से हुई तबाही और जनहानि पर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है, साथ ही पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, साथ ही भरोसा दिलाया है कि इस दुखद समय में भारत हर संभव मोरक्को को सहायता प्रदान करेगा.
इस भयानक भूकंप से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, माराकेच में पुराने शहर को घेरने वाली प्रसिद्ध लाल दीवारों के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय ने मृतकों की संख्या पर टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में शांति का आग्रह किया और कहा कि भूकंप ने अल हौज़, उआरज़ाज़ेट, माराकेच, अज़ीलाल, चिचौआ और तारौदंत प्रांतों को प्रभावित किया है.
पर्यटकों ने क्षेत्र में भूकंप के बाद अपनी जान बचाने के लिए लोगों को भागते और चिल्लाते हुए कैद करने वाले वीडियो भी साझा किए हैं.
बता दें कि भूकंप आने की वजह से कई इमारतें जमींदोज हो गईं.इस वजह से बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स में भूकंपीय निगरानी और चेतावनी विभाग के प्रमुख लाहसेन मन्नी ने 2एम टीवी को बताया कि भूकंप “असाधारण” था.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कहा कि भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.8 थी जब यह रात 11:11 बजे (2211 GMT) आया, झटके कई सेकंड तक रहे. मोरक्को के राष्ट्रीय भूकंपीय निगरानी और चेतावनी नेटवर्क ने रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7 मापी हैं.अमेरिकी एजेंसी ने 19 मिनट बाद 4.9 तीव्रता का झटका आने की सूचना दी.
मोरक्को में राहत कार्य लगातार जारी है. सैकडो घायल हैं तथा अनेक गंभीर हैं जिससे मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.