फिल्म इंडस्ट्री का दरबार बदल चुका है, और बदल रहा है, जब बात है 300 करोड़ क्लब में प्रवेश करने वाली फिल्मों की। यहां तक कि अब यह क्लब एक फिल्म के लिए पर्याप्त नहीं है, कई फिल्में इसे पार कर चुकी हैं। यहां हम आपको उन फिल्मों की ख़बर देने जा रहे हैं जिन्होंने इस क्लब में अपनी उपस्थिति सबसे तेज़ बनाई है।बाहुबली 2: द कन्क्लूशन (2017) – सबसे पहली फिल्म है बाहुबली 2: द कन्क्लूशन की, जिसने इस क्लब में दाखिल होने में सिर्फ़ 8 दिन लिए। इस फिल्म ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी बड़े बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन किए और एक बड़ा इतिहास बनाया।दंगल (2016) – आमिर ख़ान की दंगल ने भी इस क्लब में तेज़ी से प्रवेश किया। यह फिल्म ने महिला पहलवानों की कहानी को दर्शाया और भारतीय बॉक्स ऑफ़िस में धड़ल्ले कर दिए।ताइगर झिन्दा है (2017) – सलमान ख़ान की इस एक्शन फिल्म ने भी तेज़ रफ़्तार में 300 करोड़ क्लब में प्रवेश किया। फिल्म ने सलमान की छवि को एक बार फिर से स्वीकार्य बना दिया और उसके प्रशंसकों के लिए एक खास तोहफ़ा बन गई।सूर्यावंशी (2021) – अक्षय कुमार की सूर्यावंशी ने भी इस क्लब के दरवाजे पर दस्तक दी। इस फिल्म ने रोहित शेट्टी के सिनेमैटिक यूनिवर्स का एक और सफल चरण बनाया।काबिल (2017) – हृथिक रोशन की काबिल ने भी 300 करोड़ क्लब में अपनी जगह बनाई। इस फिल्म ने एक अद्वितीय रूप से विकलांगता के मुद्दे को उजागर किया और एक महान कहानी का हिस्सा बन गई।ये थीं कुछ ऐसी फिल्में जिन्होंने 300 करोड़ क्लब में प्रवेश करने में बहुत कम समय लिया। यह साबित करती है कि भारतीय सिनेमा बड़े बदलावों का सामना कर रहा है और दर्शकों की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है। इन फिल्मों के सफल होने से न केवल बॉलीवुड बल्कि भारतीय सिनेमा का नाम भी दुनिया भर में रौशनी में है। आने वाले सालों में और भी फिल्में इस सफलता को प्राप्त करने का प्रयास करेंगी, और हम उनका स्वागत करते हैं।