महानगरपालिका देगी 46000 बेघरों को सहारा…
मुंबई : सड़कों, फुटपाथों, रेलवे स्टेशनों सहित अन्य स्थानों पर रह कर गुजर-बसर करनेवाले बेघर लोगों को मनपा जल्द आसियाना उपलब्ध कराएगी। मनपा ने सर्वे में ऐसे 46725 लोगों की पहचान की है जिन्हें शेल्टर होम में रखने की योजना है। इसमें पुरुष, महिला और बच्चे शामिल हैं।
मनपा के एक अधिकारी ने बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है जल्द ही इसे मंजूरी के लिए आयुक्त के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ऐसे लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। मनपा का कहना है कि बेघर लोगों को शेल्टर होम में तत्काल पहुंचाने व आश्रय देने के साथ उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा।
जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। मनपा अधिकारी ने बताया कि मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में बने 16 शेल्टर होम में 457 लोगों को रखा गया है। इसी तरह 11 शेल्टर होम में 18 वर्ष से काम उम्र के 631 बच्चों को रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि चांदिवली, दहिसर, अंधेरी और गोवंडी में नए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। साथ ही अन्य 11 स्थानों पर शेल्टर होम के लिए प्लॉट चिन्हित किये गए हैं।
माहुल स्थित म्हाडा परिसर के डी सेक्टर की इमारतों में 224 रूम बेघरों के लिए उपलब्ध होगा, जहां 1500 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। शेल्टर होम में रहने वालों का वहीं कौशल्य विकास किया जाएगा। वहीं शिविर लगा कर उनका पेन कार्ड व आधार कार्ड जैसा पहचान पत्र भी बनाया जाएगा।
हर साल बरसात के समय 1 जून से 31 अक्टूबर के बीच बिना घर के रहने वालों के लिए मुंबई में अतिरिक्त शेल्टर होम बनाए जाते हैं। मनपा अधिकारी ने बताया कि सर्वे करते समय सभी बेघर लोगों की पहचान ऑनलाइन रजिस्टर की गई है। उनके परिवार में कितनी महिला, पुरुष और बच्चे हैं इसका अलग-अलग डेटा तैयार किया गया है।
