हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल क्रिकेट मैच के लिए तिकटों के महंगे दरों के कारण एक संकट की घड़ी आई है, जिसका सामना हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के दौरान किया गया। यह मैच क्रिकेट जगत के लिए हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण घटना रहा है, लेकिन इस बार के तिकटों के अधिमूल्य दरों के कारण जनसंख्या में कमी आई है।यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक लाइवली और उत्साहजनक आयोजन होता है, लेकिन टिकटों के मूल्यों का बढ़ जाना इसे कठिन बना दिया। एकाधिक खबरों के अनुसार, यह मैच देखने के लिए टिकट की मांग कम रही है और खासकर मध्यम और लोअर आय वाले लोगों के लिए अव्यग्र बना दिया है।मैच के टिकटों के दरों की बढ़ती मांग के कारण क्रिकेट बोर्ड ने टिकटों के मूल्यों में कई गुना वृद्धि की है। इसके परिणामस्वरूप, टिकटों के दर बहुत ही अधिमूल्य हो गए हैं, जिसके चलते कई लोग इस मैच को देखने से इंकार कर रहे हैं।यह समस्या खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रही है, जो क्रिकेट के महिलाओं के खेलने के बावजूद इस मैच को देखने का सपना देखते हैं। यह मैच क्रिकेट की बड़ी चुनौती होती है और इसका मूद मैच के आसपास उत्साहपूर्ण होता है।टिकटों के मूल्य वृद्धि के बावजूद, कुछ लोग इस मैच को देखने के लिए उनकी बजट को ताक पर रख कर भी टिकट खरीद रहे हैं। वे इसके लिए अपनी पूरी मेहनत कर रहे हैं और इस मैच को एक बार-एक बार देखने का मौका नहीं गवाना चाहते हैं।क्रिकेट बोर्ड और अन्य संगठनों को चाहिए कि वे टिकटों के मूल्यों को सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से सावधानीपूर्वक निर्धारित करें ताकि क्रिकेट के प्रेमियों को इस मैच को देखने का संविदानिक मौका मिल सके।इस मैच की लोकप्रियता और उत्साह को बनाए रखने के लिए, टिकटों के मूल्यों को विचार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्रिकेट बोर्ड को दरों को योग्य और सामाजिक रूप से सांविदानिक बनाने के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए, ताकि सभी लोग इस महत्वपूर्ण मैच को देख सकें और क्रिकेट का आनंद ले सकें।
इस समस्या का समाधान तभी हो सकता है जब सभी पर्यावरण में उपलब्ध टिकटों के मूल्यों को सामाजिक स्थिति के हिसाब से निर्धारित करने का प्रयास करें, ताकि हर कोई इस मैच का आनंद उठा सके और क्रिकेट के प्रति अपनी अद्भुत प्रेम को दिखा सके।