Madhya Pradesh: एक साथ 250 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, महिलाएं और बच्चे भी रहे शामिल

Madhya Pradesh: एक साथ 250 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, महिलाएं और बच्चे भी रहे शामिल

दमोह शहर के आशीर्वाद गार्डन में 250 लोगों की हिंदू धर्म में वापसी कराई गई. गार्डन में यह लोग अपने परिवार के संग पहुंचे. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे. सभी ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया. इसके बाद सभी पर गंगाजल छिड़क कर उनका शुद्धिकरण किया गया. कुछ समय पहले सभी ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया था.
मध्य प्रदेश के दमोह में 250 लोगों ने मौजूदा धर्म छोड़ हिंदू धर्म अपनाया है. इसके लिए हिंदू संगठन ने अनुष्ठान का आयोजन कराया और लोगों को हिंदू धर्म में वापसी कराई. पंडितों के इन सभी का गंगाजल से शुद्धिकरण कराया और हवन पूजन भी कराया गया.
रविवार सुबह 11 बजे दमोह शहर के आशीर्वाद गार्डन में 250 लोगों की हिंदू धर्म में वापसी कराई गई. गार्डन में यह लोग अपने परिवार के संग पहुंचे थे. जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे. 
हवन वेदियों के सामने बिठाकर मंत्रोच्चारण किया गया. सभी पर गंगाजल छिड़कर कर उसका शुद्धिकरण किया गया. इसके बाद हवन कराया गया.बताया गया कि इन सभी लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपना लिया था. अब इन सभी ने फिर से हिंदू धर्म अपनाकर ‘घर वासपी’ की है.
दमोह ने 250 लोगोंं ने हिंदू धर्म अपनाकर की घर वापसी.
लोगों ने कहा- हम भटक गए थे
फिर से हिंदू धर्म में वापसी करने वाले लोगों ने कहा कि वे धर्म का रास्ता भटक गए थे. इसलिए उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन अब हम सब फिर से हिंदू धर्म में वापस आ गए हैं. हमें बहुत अच्छा लग रहा है. हमारी घर वापसी हुई है.
हिंदू संगठन के सदस्य संतु लाल रोहित ने कहा है कि बहकावे में आकर इन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ दिया था. मगर, अब सभी ने वापस सनातन हिंदू धर्म अपना लिया है. सभी लोगों का शुद्धिकरण कराया गया है. 
उत्तराखंड में हुआ विवाद
वहीं, उत्तराखंड में क्रिसमस के मौके पर जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद हुआ है. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला गांव की है. यहां शुक्रवार को लोगों ने आरोप लगाया कि एक ईसाई संगठन जबरन धर्मांतरण करवा रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि धर्मांतरण के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे. यहां क्रिसमस समारोह होना था. इससे पहले 12 नेपाल के और कुछ स्थानीय लोग ईसाई केंद्र के एक निर्माणाधीन भवन में पहुंचे थे.

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